
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय की स्थापना के साथ हिंदी विभाग 1990 में शुरू हुआ। उसी समय हिंदी विभाग में 60 छात्र और छात्राएं थी। धीरे-धीरे उसी में बढ़ोतरी होकर आज लगभग 165 छात्र और छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। अतः विभाग के छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है।
1) प्रा. डॉ. सोहनी एच. एम्. एम. ए. एम. फिल पीएच. डी
2) डॉ. अशोक बाळू पाटील एम. ए. बी.एड., पीएच.डी.
3) श्री. बाबुराव सारंग एम.ए. सेट
1) हमारा महाविद्यालय अहिंदी भाषीक होने के कारण यहॉं के छात्रों को हिंदी भाषा के बारे में रुचि उत्पन्न करना।
2) हिंदी साहित्य के बारे में जानकारी देना।
3) हिंदी भाषा के महत्व को विषद करना।
4) छात्रों को रोजगार के अवसर के बारे में जानकारी देना।
5) हिंदी का प्रचार और प्रसार करना।
अभिनव उपक्रम :—
महाविद्यालय में हिंदी भाषा को लेकर विविध शैक्षिक उपक्रमों का आयोजन किया जाता है। हर साल हिंदी दिन के अवसर पर हिंदी पखवाड़ा मनाया जाता है। छात्रों के अंतर्गत गुणों की वृद्धि करने के लिए अंताक्षरी प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, अनुवाद प्रतियोगिता, हस्ताक्षर प्रतियोगिता आदि का आयोजन इस पखवाड़े में किया जाता है। विविध विषयों पर भित्ति पत्रिकाओं को तैयार किया जाता है। साहित्यिक विविध गतिविधियों को लेकर कार्यशालाओं का आयोजन विभाग की ओर से किया जाता है।
सन् 1990 से लेकर आज तक कई छात्रों को शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर और भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्तियां प्राप्त हो चुकी है।
शैक्षिक उपक्रम – सेमिनार, चर्चासत्र , समूह चर्चा, गृहपाठ , चाचणी परीक्षा
पुस्तक — विष्णु प्रभाकर की कहानियों में चित्रित समस्याएं — डॉ. हणमंत महादेव सोहनी
पुरस्कार :– भारतीय दलित साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा डॉ. सोहनी एच एम को ‘बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर नेशनल फेलोशिप अवार्ड’ 2015 को प्राप्त हुआ है।
रिसर्च प्रोजेक्ट :– प्रा. डॉ. सोहनी एच. एम्. जी ने ‘मधु कांकरिया’ के साहित्य पर माइनर रिसर्च प्रोजेक्ट (यूजीसी) पूरा किया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शोध आलेख प्रस्तुत किए हैं। विविध पत्र-पत्रिकाओं में आलेख प्रकाशित हो चुके हैं।
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालयात ‘ रोजगारोन्मुख ‘ हिंदी विषयावर मार्गदर्शन
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालयातील हिंदी विभागाची महात्मा फुले ग्रंथालयास भेट
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालयाच्या हिंदी विभागाच्या विद्यार्थ्यांनी दिनांक -13 -08 -25 रोजी महात्मा फुले ग्रंथालयास भेट दिली. या ग्रंथालय भेटीचे आयोजन हिंदी विभाग प्रमुख प्रा. डॉ .एच .एम सोहनी सर व प्रा. बी के सारंग सर व प्रा. डॉ ए बी पाटील सर यांनी केले होते. याप्रसंगी ग्रंथालय परिचर सदाशिव गिरीबुवा आणि सातापा कांबळे यांनी ग्रंथालयाच्या दैनंदिन कामकाजाविषयी माहिती दिली .तसेच प्रत्येक विद्यार्थ्यांनी लायब्ररी कार्ड काढले नसेल तर ते काढण्याची प्रक्रिया समजावून सांगितली .ग्रंथालय परिचर सदाशिव गिरी बुवा यांनी ग्रंथालयात असणारी पुस्तकांची संख्या ,संगणक प्रणाली द्वारे कशा पद्धतीने पुस्तकांची देवघव केली जाते सांगितले .सातापा कांबळे यांनी विद्यार्थ्यांना अभ्यासिका ,वर्तमानपत्र विभाग स्पर्धा परीक्षा विभाग ,बी .ए, बी एससी ,बी कॉम अभ्यासक्रम पुस्तक विभाग ,संदर्भ ग्रंथ विभाग तसेच अन्य विभागाची ओळख करून दिली. ग्रंथालयातील हिंदी विभागाची पुस्तके दाखवताना त्यांनी हिंदी विषयाच्या कथा ,कादंबऱ्या, निबंध संग्रह, व् कवितासंग्रह समीक्षक पुस्तके संदर्भ ग्रंथ इत्यादी प्रकारातील पुस्तकांची ओळख करून दिली. त्यानंतर हिंदी विभाग प्रमुख डॉ .एच एम सोहनी सर यांनी प्रत्येक विद्यार्थ्याने मोबाईलला मित्र बनवण्यापेक्षा पुस्तकाला मित्र बनवल्यास आणि वाचन संस्कृतीचे जतन केल्यास जीवनाच्या काटेरी वाटेवर यशस्वी होता येते हे सांगितले. प्रत्येकाने आपल्या घरात छोटीशी का असेना पण पुस्तकांची लायब्ररी बनवा असे आव्हान केले. त्यानंतर प्रा डॉ.ए बी पाटील यांनी ग्रंथालयातील सर्व कर्मचाऱ्यांचे आभार मानले या ग्रंथालय भेटीसाठी विद्यार्थ्यांनी उत्साहात सहभाग घेतला .

